0 8 0 August 12, 2017
मुंबई. 2019 में होने वोले चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार इकोनॉमिक रिफॉर्म से अपना फोकस हटा सकती है। अब उसका जोर अपनी उपलब्धियां गिनाने पर हो सकता है।
- बार्कलेज इंडिया के चीफ इकोनॉमिस्‍ट सिद्धार्थ सान्‍याल के एक वीकेंड नोट के मुताबिक, 2019 में होने वाले आम चुनाव को जीतने के लिए प्रधानमंत्री मोदी अब तक शुरू किए जा चुके रिफॉर्म और इंफ्रा प्रोजेक्‍ट्स को पूरा करने पर फोकस करेंगे, न कि नए रिफॉर्म पुश पर। - उनका ज्‍यादा फोकस व्‍यवस्‍था को दुरुस्‍त करने पर होगा, न कि माइक्रोइकोनॉमिक फ्रंट से जुड़े कानून में सुधार पर।
फैसलों में दिखेगा राजनीति असर - 2014 से अब तक रिफॉर्म पर आक्रामक रुख होने के बाद भी 2019 से पहले मोदी अपनी चुनौतियां का सिलेक्‍सन बेहद नाम-तौल के साथ करेंगे।
- सान्‍याल की बात से साफ है कि उनके आगामी फैसलों में राजनीतिक प्रभाव साफ देखने को मिलेगा। - इसके चलते मोदी पॉपुलिस्‍ट फैसले ले सकते हैं न कि ढ़ांचे को दुरुस्‍त करने वाले रिफॉर्मिस्‍ट फैसले।
BJPकी नेशनलिस्‍ट छवि को मजबूत कर सकते हैं मोदी - सिद्धार्थ के मुताबिक, चुनाव नजदीक आने के चलते मोदी ऐसे फैसलों से पर दांव लगा सकते हैं जो भाजपा की नेशनलिस्‍ट छवि को बूस्‍ट करे, न कि उन्‍हें एक रिफॉर्मिस्‍ट के तौर पर स्‍थापित करे। - अगर अपने बचे हुए 18 महीनों में रिफॉर्म के मोर्चे पर तेजी लाते भी हैं. तो इसकी सफलता और असफलता के परिणाम बेहद छोटी अवधि के होंगे।...
- सबसे बेहतरीन निर्णय तो यह होगा कि वह वह लैंड और लेबर लॉ जैसे लंबे समय से लटके बिलों को पास कराएं। - हालांकि इनके तात्‍कालिक असर बेहद कम होने के चलते इस बात की उम्‍मीद बेहद कम है। ...
पीएम का फोकस“3C”पर - सान्‍याल 2019 से पहले मोदी के फैसलों में “3C” देखते हैं। इसमें पहला कॉम्‍बैटिंग करप्‍शन, दूसरा कम्‍प्‍लीटिंग एग्जिस्टिंग पॉलिसी और तीसरा कम्‍यूनिकेटिंग टू हाइटलाइट है। - पहले C के तहत मोदी सरकार भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अभियान को धार देगी।.
- दूसरे C के तहत उसका फोकस बैंकों के NPA को सुलझाना, GST को सही तरीके से लागू करना और इन्‍फ्रा प्रोजेक्‍ट को पूरा करना शामिल है। - तीसरे C का का मतलब सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को दूर दराज के इलाकों तक पहुंचाना है। - खासकर लोगों को यह बताया कि उसके कदमों से आम आदमी को कितना फायदा हुआ।
ब्‍लैकमनी पर उठा सकती है बड़ा कदम - सान्‍याल का अनुमान है कि मोदी सरकार ब्‍लैक मनी पर फिर से बड़ा कदम उठा सकते हैं। - सान्‍याल के मुताबिक, मोदी सरकार को पूर्व में इसका फायदा मिला भी है।
- सरकार पोलिटिकल फंडिंग से जुड़े निमयों को और कड़ा कर सकती है। - बेनामी संपत्ति पर और बड़े कदम उठ सकते हैं। विदेशों में भारतीयों के संपत्ति पर और बड़े कदम उठ सकते हैं। विदेशों में भारतीयों के संपत्ति पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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